खजूर में कई प्रकार के रोग लगते है जैसे ग्रेफियोला लीफ स्पॉट, आल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, ब्लैक स्कोर्च या काला झुलसा रोग, बेंडिंग हेड और Bayoud disease जिसे विल्ट भी कहते है ये सब प्रमुख है
ग्रेफियोला लीफ स्पॉट की बात करें तो यह रोग ग्रेफियोला फिनिसिस फंगस से होता है| इसे false smut भी कहा जाता है| वातावरण में अधिक नमी यानी moisture होने पर यह रोग अधिक फैलता है| पत्तियों के दोनों तरफ ये काले भूरे स्पॉट हो सकते है जिसे रुमट कहते है| ये रुमट उभरे हुए होते है जो मस्से जैसे लगते है| जैसा की आप देख पा रहे है .... इन्हे छूने पर आसानी से पता लगाया जा सकता है| रोग के अधिक प्रकोप होने पर और इन्हे पत्तियों से हटाने पर पीले रंग का पाउडर निकलता है और इन उभरे हुए रुमट की टिप सफेद रहती है, इसके लक्षण सिर्फ पुरानी या नीचे की पत्तियों पर ही दिखाई देते है जिससे लगता है ये स्केल कीट है लेकिन स्केल इंसेक्ट में पत्तियां चिपचिपी हो जाती है जो इसके द्वारा छोड़े गए Honeydew के कारण होती है| स्केल insect पर अलग विडिओ बनाया गया है जिसका लिंक आप description बॉक्स में देख सकते है| लेकिन इस रोग में पत्तियां चिपचिपी नहीं होती है| पूरी तरह से प्रभावित पत्तियां सुख जाती है| और आप जानते है कि पत्तियों पर रोग लगने पर प्रभावित पत्तियां प्रकाश संश्लेषण यानि photosynthesis नहीं कर पाती और पौधा भोजन नहीं बना पाता| कुल मिलाकर इससे उत्पादन पर बुरा असर पड़ता है|
इसलिए रोग को अधिक फैलने से रोकने के लिए प्रभावित पत्तियों को काट कर इकट्ठा कर ले और जला दे| उसके बाद 2 से 4 ग्राम Mancozeb 75% WP या bordeaux mixture प्रति लीटर पानी में मिलाकर पत्तियों पर स्प्रे कर दे यह स्प्रे 15 दिन बाद दोहरा भी देना चाहिए | ऐसा 3 से 4 बार करे| मेडजुल में यह रोग अधिक पाया गया है और genetics resistance होने के कारण बरही में यह रोग नहीं के बराबर पाया जाता है|
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